अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति दरों में हुई वृध्दि

अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति दरों में हुई वृध्दि

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा पर हुआ अमल

राज्य शासन ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति की दरों में वृध्दि की है। शासन ने कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्रों को प्रतिवर्ष 300 के स्थान पर 600 रुपये तथा छात्राओं को 400 रुपये के स्थान पर 800 रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति भुगतान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। यह बढ़ी हुई छात्रवृत्ति वर्तमान सत्र से भुगतान की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत 6 जनवरी को राज्य स्तरीय आदिवासी पंचायत में इन छात्रवृत्तियों में वृध्दि करने की घोषणा की थी। शासन ने कक्षा 6वीं से 10वीं तक के अनुसूचित जनजाति छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिये 11वीं पंचवर्षीय योजना अवधि हेतु 140 करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपये की राशि भी मंजूर की है।

राज्य शासन द्वारा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रावासी विद्यार्थियों को पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के अलावा शासन के स्रोत से दी जा रही अतिरिक्त छात्रवृत्ति की दर में वृध्दि की गई है। अब यह छात्रवृत्ति छात्रों को 115 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 265 रुपये प्रतिमाह तथा छात्राओं के लिये 125 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 290 रुपये प्रतिमाह की स्वीकृति दी गई है। राज्य शासन द्वारा स्वीकृत अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को वर्तमान सत्र में बढ़ी हुई दर पर छात्रवृत्ति भुगतान की जायेगी।

शासन ने कक्षा 6वीं से 10वीं तक के अनुसूचित जनजाति छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिये 11वीं पंचवर्षीय योजना वर्ष 2007-12 में 140 करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपये राशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही वर्ष 2007-08 के लिये 27 करोड़ 26 लाख 96 हजार रुपये की मंजूरी भी दी गई है।

शासन द्वारा यह स्वीकृति वित्त विभाग के द्वारा प्रदत्त अधिकार के तहत परियोजना परीक्षण समिति की बैठक में दिये गये अनुमोदन के पश्चात जारी की गई है।

 

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