आईआईएम के निदेशकों के चयन में सरकार का कोई दखल नहीं

आईआईएम के निदेशकों के चयन में सरकार का कोई दखल नहीं

कुछ समाचार पत्रों में छपी इस खबर की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) के निदेशकों की चयन प्रक्रिया में दखल दे रहा है और खुले विज्ञापनों के जरिए आवेदन आमंत्रित करने के सरकार के फैसले राजनीति से प्रेरित हैं । ये खबरें सत्य से बिल्कुल परे हैं तथा तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

      मंत्रिमंडलीय नियुक्त समिति भारतीय प्रबंध संस्थानों के निदेशकों की नियुक्ति करती है । मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति द्वारा स्वायत्तशासी संस्थानों में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति के लिए भारत सरकार के कार्मिक तथा प्रशिक्षण विभाग ने नीतियां तथा प्रक्रिया निर्धारित की हैं । इसके अनुसार प्रत्येक मंत्रालय ऐसे चयन के लिए कार्मिक तथा प्रशिक्षण विभाग के अनुमोदन से एक तलाश तथा चयन समिति का गठन करेगा । तलाश तथा चयन समिति के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह समिति में संबंधित क्षेत्र से कम से कम एक बाहरी सुविख्यात विशेषज्ञ शामिल करे । मंत्रीमंडलीय नियुक्ति समिति, तलाश तथा चयन समिति द्वारा अनुशंसित सूची में से नियुक्ति करती है।

      यह स्पष्ट किया जाता है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भारतीय प्रबंध संस्थानों के निदेशकों के पद पर नियुक्ति के लिए 15 मार्च 2002 को अधिसूचित तलाश तथा चयन समिति प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया है । दरअसल, भारतीय प्रबंध संस्थानों के निदेशकों के पद के वास्ते प्रत्येक व्यक्ति मार्च, 2002 की तलाश तथा चयन समिति प्रक्रिया के द्वारा ही चुना गया था ।

      और ज्यादा व्यापक आधार वाली तथा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय प्रबंध संस्थानों के निदेशकों की आगामी रिक्तियों के लिए व्यापक तौर पर विज्ञापन दिए गए हैं। इन विज्ञापनों के फलस्वरूप प्राप्त आवेदन पत्रों को तलाश तथा चयन समिति के समक्ष रखा जाएगा । इसके अलावा सुविख्यात शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, संस्थानों के प्रमुखों आदि को भी पत्र लिखकर उनसे सरकार द्वारा नियुक्त तलाश तथा चयन समिति के विचारार्थ योग्य व्यक्तियों की सिफारिश करने को कहा गया है । इस प्रकार अनुशंसित किए गए व्यक्तियों के आवेदन के साथ संबंधित भारतीय प्रबंध संस्थान के अध्यक्ष का प्रतिवेदन भी संलग्न होना चाहिए । तलाश तथा चयन समितियां विज्ञापन के जरिए प्राप्त आवेदनों या सुविख्यात शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, संस्थानों के प्रमुखों द्वारा नामित व्यक्तियों के अलावा, अन्य योग्य व्यक्तियों को तलाशने के लिए भी स्वतंत्र है । उदाहरण के तौर पर सरकार द्वारा हाल ही में शिलांग में खोले गए सातवें भारतीय प्रबंध संस्थान को लिया जा सकता है । इस संस्थान के निदेशक के चयन की प्रक्रिया चल रही है ।  इसके लिए श्री जे जे ईरानी की अध्यक्षता में गठित तलाश तथा चयन समिति ने अपना कार्य शुरू कर दिया है । इस समिति में आईआईएम शिलांग के बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री आर एन दत्ता और श्री एल एन झुनझुलवाला जैसी सुविख्यात हस्तियों तथा उच्च शिक्षा सचिव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है । इस पद के लिए भी विज्ञापन दिया गया था ।

      उच्च शिक्षण के संस्थानों की स्वायत्तता के प्रति राष्ट्रीय साझा न्यूनतम कार्यक्रम में की प्रतिबध्दता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भारतीय प्रबंध संस्थानों या किसी अन्य सार्वजनिक संस्थान के कार्यक्ररण में कोई दखलअंदाजी नहीं की है । उदाहरण के लिए, भारतीय प्रबंध संस्थानों के बोर्ड, फैकल्टी सदस्यों आदि के गैर वेतन प्रतिपूर्तियों, फीस निर्धारण आदि के बारे में फैसले लेते हैं । ये फैसले संबंधित सहयोग ज्ञापन, नियमों और विनियमों में निर्धारित मापदंडों के अंतर्गत लिए जाते हैं ।

      मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है ।

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