स्वतंत्रता दिवस पर बंदियों को सजा में छूट

स्वतंत्रता दिवस पर बंदियों को सजा में छूट

जेल विभाग द्वारा आदेश जारी

राज्य शासन ने स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त पर प्रदेश की जेलों में परिरूध्द विभिन्न श्रेणियों के बंदियों को सजा में छूट देने के आदेश जारी किये हैं। यह छूट उन बंदियों को दी जायेगी जो राज्य के दाण्डिक अधिकारिता के न्यायालयों द्वारा दोषसिध्द ठहराये गये हैं और जो राज्य की अथवा अन्य राज्य की जेलों में बंद हैं।

इस संबंध में जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 18 दिसम्बर 1978 के पूर्व आजीवन कारावास की सजा से दण्डित उन बंदियों को बिना शर्त छोड़ दिया जायेगा जिन्होंने परिहार एवं विचाराधीन कालावधि को सम्मिलित करते हुए 15 वर्ष की सजा भुगत ली हो। 18 दिसम्बर 1978 के बाद आजीवन कारावास से दण्डित उन कैदियों को बिना शर्त मुक्त किया जायेगा जिन्होंने विचाराधीन कालावधि को सम्मिलित करते हुए 14 वर्ष का दण्डादेश भुगत लिया हो तथा 15 अगस्त 2007 को परिहार को शामिल करते हुए दण्डादेश के 20 वर्ष पूर्ण कर लिये हों।

उन सभी महिला बंदियों को छोड़ दिया जायेगा जिन्हें आजीवन कारावास से दोषसिध्द नहीं किया गया हो और जिन्होंने 15 अगस्त 2007 को विचाराधीन अवधि को सम्मिलित करते हुये 5 वर्ष से अधिक का वास्तविक दण्डादेश भुगत लिया। उनके दण्डादेश के अनवसित भाग का परिहार हो जायेगा।

इसी तरह विभिन्न श्रेणियों के बंदियों को सात दिन से लेकर चार माह तक सजा में छूट दी गयी है। यह छूट उन बंदियों को नहीं दी जाएगी जो आदतन अपराधी हैं और जो परिहार प्रणाली के अंतर्गत नहीं आते। पूर्णत: अंधे और मध्यप्रदेश जेल मेन्युअल के अधीन मुक्त किये जाने के पात्र बंदियों को मुक्त कर दिया जाएगा। कैंसर और क्षय रोग जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त ऐसे बंदियों को मेडीकल बोर्ड द्वारा जाँच और चिकित्सा प्रणाण-पत्र जारी किये जाने पर बिना शर्त मुक्त किया जाएगा, जिनको जेल में बनाए रखने पर मृत्यु हो जाना संभाव्य है और जो जेल नियमावली के अंगर्तत मुक्त किये जाने के पात्र हैं।

ऐसे सिध्ददोष बंदियों को मुक्त कर दिया जाएगा जिन्हें आजीवन कारावास से दण्डादिष्ट नहीं किया गया है और जिन्होंने 60 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूरी कर ली हो और जिन्होंने 15 अगस्त 2007 को विचाराधीन कालावृध्दि को शामिल करते हुए अपने दण्डादेश का आधा भाग भुगत लिया हो तथा परिहार की पात्रता में आते हों।

शासन ने उन कैदियों को सजा में छूट न देने का निर्णय लिया है जिनका अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना या किसी अन्य सशक्त अभिकरण द्वारा किया गया हो, केन्द्रीय सरकार की किसी संपत्ति का दुर्विनियोग, नाश या नुकसान अन्तर्वलित हो। साथ ही आभ्यासिक अपराधियों के रूप में वर्गीकृत, आदेशित प्रतिभूति न देने के कारण सजा भुगत रहे कैदी, और जुर्माना भुगतान न करने के कारण सजा भुगत रहे कैदियों को भी सजा से छूट नहीं मिलेगी। इसी तरह दहेज प्रतिषेध अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण, राष्ट्रीय सुरक्षा, औषधि और प्रसाधन सामग्री, विदेशी मुद्रा विनियम, कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध, खाद्य अपमिश्रण निवारण, आवश्यक वस्तु, सिविल अधिकार संरक्षण, आतंकवादी और विध्वंसकारी क्रिया कलाप अधिनियम आदि के तहत बंदी कैदियों की सजा में कोई छूट नहीं दी जाएगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आज अंतिम तारीख आज 17 उम्मीदावरों ने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये

14 स्थान कंटेनमेंट जोन से मुक्त

कवल वन्यजीव अभयारण्य में वन भूमि का अतिक्रमण