वर्ष 2006-07 में कुल राजस्व प्राप्तियों में 24.75 प्रतिशत वृध्दि

वर्ष 2006-07 में कुल राजस्व प्राप्तियों में 24.75 प्रतिशत वृध्दि

गैर-आयोजना व्यय में 10.36 प्रतिशत कमी : आयोजना व्यय 32.94 प्रतिशत बढ़ा

भोपाल : तीन अगस्त, 2007

मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2006-07 में कुल राजस्व प्राप्तियों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 24.75 प्रतिशत वृध्दि हुयी है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2006-07 में ग़ैर-आयोजना खर्च में 10.36 प्रतिशत कमी तथा आयोजना व्यय में 32.94 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुयी है, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों के लिए पहले से बेहतर संसाधनों का उपयोग हुआ है।

हाल ही में सम्पन्न विधानसभा सत्र में म.प्र. राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत लगातार दूसरी बार प्रस्तुत की गयी छ: माही आय एवं व्यय के अनुसार वर्ष 2006-07 के अग्रिम अनुमान अनुसार प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में (वर्ष 1999-2000 के स्थिर भाव पर) पिछले वर्ष के त्वरित अनुमान की तुलना में 5.26 प्रतिशत वृध्दि तथा चालू मूल्यों पर 10.16 प्रतिशत वृध्दि अनुमानित है।

वर्ष 2006-07 में कुल राजस्व प्राप्तियां 25,694 करोड़ रुपये थीं जो वर्ष 2005-06 की कुल प्राप्तियां 20,597 करोड़ रुपये से 5,097 करोड़ रुपये अधिक है। यह वृध्दि लगभग 24.75 प्रतिशत की है। वर्ष 2006-07 के द्वितीय छ: माही में कुल राजस्व प्राप्तियां 14,914.32 करोड़ रुपये रहीं, जो वर्ष 2005-06 की द्वितीय छ:माही की राजस्व प्राप्तियां 12,300.01रुपये की तुलना में 21.25 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2006-07 की कुल राजस्व प्राप्तियां बजट अनुमान की राशि 23.480 करोड़ रुपये की तुलना में 9.43 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2006-07 में कुल कर राजस्व प्राप्तियां 18,562 करोड़ रुपये थीं जो वर्ष 2005-06 के कुल कर राजस्व प्राप्ति 15,456 करोड़ रुपये से 20 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2006-07 की वास्तविक राजस्व प्राप्ति बजट अनुमान 17,045 करोड़ रुपये से 8.90 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2006-07 में राज्य के कर की कुल प्राप्ति 10,473 करोड़ रुपये रही जो वर्ष 2005-06 की कुल प्राप्तियों 9114 करोड़ रुपये से 14.49 प्रतिशत अधिक तथा बजट अनुमान 10,029 करोड़ रुपये से 4.42 प्रतिशत अधिक है।

कर भिन्न राजस्व के अंतर्गत वर्ष 2006-07 की कुल प्राप्तियां 2,658.41 करोड़ रुपये वर्ष 2005-06 की कुल प्राप्तियां 2208 करोड़ रुपये से 20.39 प्रतिशत अधिक हुई।

वर्ष 2006-07 में कुल आयोजनेत्तर व्यय 17,991 करोड़ रुपये रही जो वर्ष 2005-06 के कुल आयोजनेत्तर व्यय 20,071 करोड़ रुपये से 2,080 करोड़ रुपये कम है। इसी प्रकार आयोजनेत्तर व्यय में 10.36 प्रतिशत की कमी हुई है, जबकि वर्ष 2006-07 में आयोजना व्यय 10,569 करोड़ रुपये रहा जो वर्ष 2005-06 के कुल आयोजना व्यय 7,950 करोड़ रुपये से 2,619 करोड़ रुपये अधिक है। यह वृध्दि 32.94 प्रतिशत की है। आयोजनेतर व्यय में कमी तथा आयोजना व्यय में वृध्दि से प्रदेश के विकास कार्यों के लिए पहले से बेहतर संसाधनों का उपयोग हुआ है।

वर्ष 2006-07 में आयोजना पूंजीगत व्यय 4,853 करोड़ रुपये थी जो वर्ष 2005-06 के व्यय राशि 3,700 करोड़ रुपये से 31.18 प्रतिशत अधिक है। यह राशि बजट अनुमान की राशि 4,785 करोड़ रुपये से 1.42 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2005-06 की तुलना में वर्ष 2006-07 में राजस्व आधिक्य में 3,306 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृध्दि हुई है। प्रदेश का राजस्व आधिक्य राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद की 2.56 प्रतिशत रही, जो निर्धारित लक्ष्य 1.42 से अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2006-07 में राजकोषीय घाटा 2,830 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान 4,874 करोड़ रुपये की तुलना में 41.93 प्रतिशत कम है। राजकोषीय घाटे का राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद से प्रतिशत 2.16 है जो राजकोषीय प्रतिमानों में वर्ष 2006-07 के लिये निर्धारित लक्ष्य 3.69 प्रतिशत के अंदर है।

रोजगार के अवसरों का सृजन, सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले विभाग जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा आदि जैसे विभागों एवं बड़ी-बड़ी परियोजनाओं एवं कार्यों को अंजाम देने वाले विभागों जैसे ऊर्जा, नर्मदा घाटी, जल संसाधन, लोक निर्माण जैसे विभागों के लिये बजट में पर्याप्त धनराशि के प्रावधान एवं राशि उपलब्धता की तरलता को बराबर बनाये रखा गया है। जिससे विकास कार्यों को पर्याप्त गति प्राप्त हुई है।

 

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