संसदीय समिति ने विद्यालयों में यौन शिक्षा शुरू करने के बारे में सुझाव मांगे

संसदीय समिति ने विद्यालयों में यौन शिक्षा शुरू करने के बारे में सुझाव मांगे

याचिकाओं के बारे में गठित संसदीय समिति ने सीबीएसई से संबध्द विद्यालयों में यौन शिक्षा शुरू करने के बारे में लोगों से सुझाव मांगे हैं। इन्हें लिखित ज्ञापन के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। संबंधित विषय में रूचि रखने वाले लोग ज्ञापन में सुझाव#दृष्टिकोण#टिप्पणियां प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्यसभा के सांसद श्री एम.वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में गठित समिति याचिकाकर्ताओं के प्रतिवेदन पर विचार कर रही है और उसने सुप्रसिध्द शिक्षाविदों, समाजविज्ञानियों, मनोविज्ञानियों, सैक्सोलॉजिस्ट, अध्यात्मिक नेताओं, अध्यापकों और अभिभावकों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने का फैसला लिया है ताकि इस विषय पर एक राष्ट्रीय बहस छेड़ी जा सके।

      ज्ञापन प्रस्तुत करने के इच्छुक लोग दो प्रतियों में अपना ज्ञापन (हिन्दी और अंग्रेजी) श्री जे.सुन्दरियाल, संयुक्त सचिव, राज्यसभा सचिवालय, संसद सौंध, नई दिल्ली- 110001 को भेज सकते हैं। ज्ञापन ईमेल- sundrial@sansad.nic.in  पर भी भेजे जा सकते हैं। ज्ञापन 30 दिन के भीतर प्राप्त हो जाने चाहिए। ज्ञापन के साथ यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या वे समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य देने के लिए भी तैयार हैं। समिति को प्रस्तुत ज्ञापन इसके रिकार्ड का हिस्सा होंगे और इन्हें गोपनीय माना जाएगा तथा इन्हें किसी के भी द्वारा प्रकाशित, परिचालित नहीं किया जाएगा।

      भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सीबीएसई से संबध्द देश के सभी विद्यालयों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम के रूप में यौन शिक्षा की शुरूआत की कुछ वर्गों ने हाल ही में काफी आलोचना की थी। दो याचिकाकर्ताओं ने राज्यसभा से अनुरोध किया था कि सीबीएसई से संबध्द विद्यालयों में यौन शिक्षा शुरू करने से पहले इस विषय पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए और इस बारे में आम सहमति बनायी जानी चाहिए।

 

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