पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों का सम्मेलन शुरू

पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों का सम्मेलन शुरू

गृह मंत्री ने खुफिया व्यवस्था को सशक्त बनाए जाने पर बल दिया

       अपराध और उग्रवाद का सामना करने की किसी भी योजना में गुप्तचर संस्थानों के विकास और इन्हें सुदृढ बनाने को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए। गृह मंत्री श्री शिवराज पाटिल ने आज यहां पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के सम्मेलन का उद्धाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि अपराध, हिंसा, और दहशतगर्दी पर काबू पाने में कोई भी शस्त्र या उपकरण सतर्कता से ज्यादा उपयोगी नहीं हो सकता। उन्होंने राज्य सरकारों से जोर देकर कहा कि वे अपनी विशेष शाखाओं को आधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित करें।

      श्री पाटिल ने आगे कहा कि कमजोर वर्गों के विरूध्द किए जाने वाले अपराधों पर दृढ संक़ल्प और सतत निगरानी के साथ नियंत्रण पाया जाना चाहिए और भर्ती के समय इन लोगों की पुलिस में उचित भागीदारी की मांग की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

      गृह मंत्री ने कहा कि राज्यों में सुरक्षा का भाव पैदा किए बिना उद्यमियों द्वारा निवेश किया जाना सम्भव नहीं होगा। पुलिस चौकसी की बढती ज़रूरत को देखते हुए राज्यों में पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की संख्या पर्याप्त नहीं है और इसमें निश्चित रूप से वृध्दि किए जाने की आवश्यकता है। पुलिस बल नये विचारों, उपकरणों, प्रौद्योगिकियों और प्रशिक्षण के मामलों में अपराधियों से पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता।

      जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर चर्चा करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि वहां स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है लेकिन सीमा पार से घुसपैठ और दहशतगर्दी की घटनाओं के जारी रहते वहां चौकसी में ढील की कोई गंजाइश नहीं है। पूर्वोत्तर क्षेत्र पर चर्चा करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और अरूणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सुरक्षा की स्थिति यूं तो संतोषजनक है लेकिन असम, और मणिपुर में हिंसा और नगालैंड में विभिन्न गुटों में परस्पर टकराव चिंता का विषय है। मंत्री महोदय ने नक्सली हिंसा पर चर्चा करते हुए कहा कि वैसे तो कुछ राज्यों में इस समस्या पर नियंत्रण पर लिया गया है लेकिन कुछ अन्य राज्यों में यह समस्या कठिन होती जा रही है। और चूंकि अनेक राज्य इस समस्या से ग्रस्त हैं इसलिए राज्यों को इस चुनौती का सामना करने के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर गृह मंत्री ने पुलिस बल और अपराध न्याय प्रणाली में सुधार लाये जाने की जरूरत पर भी जोर दिया और शांति तथा व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया की भूमिका की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया।

      गृह मंत्री ने सतर्कता ब्यूरो के 42 अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक भी प्रदान किए।

      उल्लेखनीय है कि भारत में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का सम्मेलन इंटलीजेंस ब्यूरो द्वारा वर्ष 1920 से नई दिल्ली में निरंत आयोजित किया जाता रहा है और इंटलीजेंस ब्यूरो के निदेशक इसके पदेन अध्यक्ष हैं। स्वतंत्रता प्राप्त के बाद से यह पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का 42वां वार्षिक सम्मेलन है।

      इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री श्रीप्रकाश जायसवाल, श्री मानिकराव एच.गावित और श्रीमती वी. राधिका सेल्वी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री एम के नारायणन, गृह सचिव श्री मधुकर गुप्ता और इंटलीजेंस ब्यूरो के निदेशक श्री पी.सी. हलदर भी मौजूद थे।

 

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