मंगलवार, 15 सितंबर 2020

बच्चों के बाधित विकास को राष्ट्रीय औसत 38.4 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया जायेगा पोषण अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये विशेष ग्राम सभाओं, नगरीय क्षेत्र की समितियों की बैठक 17 सितंबर को

Sanjay gupta(mandil) morena/ पोषण अभियान, भारत सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान है, जिसका लक्ष्य एनीमिया एवं कुपोषण के वर्तमान दर में नियत समय-सीमा में कमी लाते हुये वर्ष 2022 तक 06 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के बाधित विकास को राष्ट्रीय औसत 38.4 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करना है। इसके लिये 17 सितम्बर को विशेष ग्राम सभाओं एवं नगरीय क्षेत्र की समितियों में बैठक आयोजित की जायेगी।  
    पोषण अभियान के अन्तर्गत लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक घटकों में सहयोगी विभागों के साथ समन्वय एक महत्वपूर्ण घटक है। प्रदेश में 16 सितम्बर से गरीब कल्याण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़ा अन्तर्गत शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 17 सितम्बर को मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने में समुदाय के साथ-साथ पंचायती राज संस्थान/नगरीय निकाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये ’’पोषण सरकार’’ संकल्पना को अंगीकृत करने के लिये पोषण आधारित विशेष ग्राम सभा, नगरीय क्षेत्र की बैठक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बेवकास्ट के माध्यम जोड़ा जायेगा।  
    जिला स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला पोषण प्रबंधन रणनीति बनाई जायेगी। ग्राम, नगर स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रत्येक ग्राम, नगरीय क्षेत्र के वार्ड की समेकित स्वास्थ्य, पोषण कार्ययोजना का वाचन एवं अनुमोदन कराया जायेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रत्येक ग्रामसभा, नगरीय क्षेत्र द्वारा कुपोषण की रोकथाम एवं निवारण हेतु समग्र प्रयास किये जाने के लिये पोषण संकल्प लिया जाकर संकल्प पत्र हस्ताक्षरित किया जायेगा।  
    बाउण्ड्रीवाल युक्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में उद्यानिकी विभाग के सहयोग से फलों एवं सब्जियों के पौधरोपण कर पोषण वाटिका (nutri-garden) बनाने की कार्ययोजना पारित की जायेगी। अति गंभीर कुपोषित बच्चों को ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से दूध वितरण होगा।

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