सांची स्तूप

सांची स्तूप

पर्यटन तथा संस्कृति मंत्री, श्रीमती अंबिका सोनी ने आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोक सभा को बताया कि सांची स्तूप में किसी भी प्रकार की दरार नहीं पड़ी है। 1912 से 1919 के दौरान किए गए संरक्षण कार्य के दौरान बारिश के पानी की निकासी के लिए छोटे-छोटे 200 छिद्र बनाए गए थे । इन छिद्रों से पानी का रिसाव एक सामान्य प्रक्रिया है और स्मारक के अंदर पानी के दबाव को कम करने के लिए एक प्रकार का संरक्षण उपाय है ।

 

       उन्होंने बताया कि 2005-06 और 2006-07 के दौरान स्मारक के संरक्षण के लिए पानी से बचाव के लिए कुछ और कदम उठाए गए थे, जिनमें पतला मसाला बिछाना और गङ्ढों में टीप करना शामिल है । स्तूप के ढांचे को कोई खतरा नहीं है ।

 

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