दुग्ध उत्पादों का उपयोग

दुग्ध उत्पादों का उपयोग

       खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री सुबोध कांत सहाय ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि  भारत में दूध उत्पादन के लगभग 35 प्रतिशत का उपयोग प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा किया जाता है जिसमें से संगठित  क्षेत्र द्वारा 13 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण किया जा रहा है और असंगठित क्षेत्र यानी हलवाइयों और विक्रेताओं द्वारा लगभग 22 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण किया जा रहा है।

       खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय डेरी प्रसंस्करण उद्योगों के संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के प्रौद्योगिकी उन्नयनआधुनिकीकरणस्थापना संबंधी योजना स्कीम के तहत मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों को सामान्य क्षेत्रों में संयंत्र और मशीनरी तथा तकनीकी सिविल कार्यों की लागत में 25 प्रतिशत की दर से जिसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपए है और जम्म-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम एवं पूर्वोत्तर के राज्यों, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्ष्यद्वीप और एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम क्षेत्रों समेत दुर्गम क्षेत्रों में 33.33 प्रतिशत की दर से जिसकी अधिकतम सीमा 75 लाख रुपए है, सहायता अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता देता है। कच्ची सामग्री के रूप में दूध का इस्तेमाल करने वाली खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां इस स्कीम के अंगर्तत सहायता के पात्र हैं।

 

 

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