नगर निगम की कर प्रणाली की गतिविधियां व्यवस्थित नहीं होने पर प्रशासक ने अप्रशंसा व्यक्त की सीवेज नाला और आवास योजनायें भी पूर्ण नहीं करने पर असंतोष व्यक्त किया

Sanjay Gupta Mandil,MORENA /नगर निगम मुरैना की कर प्रणाली की गतिविधियां व्यवस्थित नहीं होने पर नगर निगम प्रशासक एवं चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आर.के. मिश्रा ने नगर निगम आयुक्त सहित कार्यरत अधिकारियों के प्रति अप्रशंसा व्यक्त की है। उन्होंने सीवेज नाला नंबर-1 के पटाव और प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी गति पर भी असंतोष व्यक्त किया है।
    नगर निगम प्रशासक एवं चंबल संभाग के कमिश्नर श्री मिश्रा हाल ही में नगर निगम की कर प्रणाली राजस्व प्राप्ति एवं नगर निगम में चल रहे कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अमरसत्य गुप्ता, कार्यपालन यंत्री श्री के.के. शर्मा सहित नगर निगम के सभी अधिकारी उपस्थित थे।  
    नगर निगम प्रशासक एवं चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा ने बैठक के प्रारंभ में निगम आयुक्त श्री गुप्ता से पूछा कि आपके पास डिपोजिट्स क्या है, मन्थली एनुअली स्टेटस बताओ ? आर्थिक स्थिति क्या है। प्रशासन ने कहा कि रिर्सोसेस बढ़ाने के लिये भविष्य के प्लान क्या है, ताकि अपनी रेवेन्यू जनरेट कर सकें। उन्होंने कहा कि गाड़ियों तथा बिल्डिंग का इन्वेष्ट होगा। जल कर, सम्पत्ति कर की क्या स्थिति है। इनकम से एक्सपेन्डिचर का कितना हुआ है। लेकिन निगम आयुक्त व्यवस्थित स्थिति को नहीं बता सके, इस पर उन्होंने अप्रशंसा व्यक्त करते हुये नाराजगी व्यक्त की। चंबल कमिश्नर ने वसूली की चर्चा करते हुये कहा कि वसूली की अगर आप गणना नहीं करोगे तो उपचुनाव के चलते क्या बतायेंगे ? जब वार्ड अधिकारी को ही पता नहीं होगा तो वार्ड से क्या वसूली होगी।
    चंबल कमिश्नर ने अमृत योजना के तहत चल रहे सीवेज प्रोजेक्ट की जानकारी चाही, इस पर कार्यपालन यंत्री श्री के.के. शर्मा ने बताया कि इस योजना में 75 प्रतिशत केन्द्र तथा 25 प्रतिशत राज्य का पैसा है। यह प्रोजेक्ट 30 साल के लिये है। इसके तहत कुल 153 किलोमीटर में सीवेज लाइन बिछानी है, अभी तक 147 किलोमीटर क्षेत्र में सीवर लाइन डाली जा चुकी है। फस्ट फैस में 24 वार्डो के लिये सीवर लाइन डाली है। इसमें 10 हजार कनेक्शन की तुलना में ढ़ाई हजार कनेक्शन हुये है। इस पर कमिश्नर ने कहा कि फस्ट फैस में 10 हजार कनेक्शन देने थे, ढ़ाई हजार कनेक्शन ही दिये गये। यह स्थिति ठीक नहीं है। प्रोजेक्ट के कन्सल्टेन्ट ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाही की गई। चंबल कमिश्नर ने इस पर भी आपत्ति उठाई की पूरे प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2020 तक पूरा करना था, जबकि फस्ट फैस का काम ही पूरा नहीं हुआ है और कंपनी ने एग्रीमेन्ट बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2020 तक की अवधि बढ़वा ली है, जबकि सितम्बर 2020 चल रहा है। 3 माह में काम कैसे पूरा होगा।
    चंबल पेयजल योजना की समीक्षा करते हुये नगर निगम आयुक्त ने बताया कि 256 करोड़ की योजना है। योजना का लक्ष्य 30 वर्ष का है। यह योजना साढ़े 5 लाख की आवादी को पेयजल की आपूर्ति करने में सहायक होगी। आयुक्त श्री गुप्ता ने वर्तमान में शहर की आवादी 2 लाख 88 हजार बताई। इस पर चंबल कमिश्नर ने चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि 30 साल की यह योजना 10 साल में ही कन्ज्यूम हो जायेगी, इस कारण फिर से हमें नई योजना बनानी पड़ेगी। चंबल कमिश्नर ने कहा कि हम ग्रामीण स्तर के प्लानर न होकर नगरीय स्तर के प्लानर है। आपको दूर तक की सोचना चाहिये। एक बड़ी प्लानिंग होना चाहिये। डाटा को समझना चाहिये। प्रोजेक्ट फायनल पॉजीशन पर है। कंपनी से कॉन्टेक्ट कर बतायें कि डाटा ठीक नहीं है, कन्सल्टेन्ट से सही तरीके से कन्संिल्टंग हो।
    बैठक में इन्द्रा सरोवर शहर के सौन्दर्यीकरण, नाला नंबर-1 की प्रगति में गति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो को युद्ध स्तर पर पूर्ण कराने के निर्देश दिये। कमिश्नर ने मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना की समीक्षा करते हुये कहा कि योजना का पूरा टारगेट बनाये। जिस जगह पर कमजोरी है उसे स्ट्रॉग बनायें। कमिश्नर श्री मिश्रा ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुये नगर निगम आयुक्त से जानकारी चाही कि शहर में कितने मीटर लाइने है, जिनमें 19 हजार पोल्स लगे है। कितने किलोमीटर की लाइन में आपकी तथा एमपीईबी की है। कितने किलोमीटर के कन्डक्टर बिछे हुये है। मेन्टेनेन्स में कितना पैसा लगा, बिल कितना आता है। जो पैसा खर्च हो रहा है, उससे सोर्स कहां है। शहर को रोशन करने में क्या प्लानिंग है। गंदी, तंग बस्तियों में क्या प्लान है। मुरैना से धौलपुर बैरियर तक कैसे सिंग्नल लाइल होगी। कैसा शहर दिखेगा। इन सभी बिन्दुओं पर ध्यान देकर कार्य करने के निर्देश दिये।

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