रविवार, 20 सितंबर 2020

स्व-सहायता समूह की महिलायें सशक्त बनें और परिवार की स्थिति में सुधार लायें - श्रीमती गीता हर्षाना समाज में महिलाओं की ताकत ही परिवार का विकास कर सकती है -चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा

Sanjay gupta Mandil, MORENA/  प्रदेश सरकार हर परिवार को खुशहाल देखना चाहती है, परिवार को खुश रखने में महत्वपूर्ण भूमिका महिलाओं की होती है। इसके लिये प्रदेश सरकार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को संबल प्रदान कर रही है। जिससे वे महिलायें आत्मनिर्भर बन सके और परिवार के गृहस्थ जीवन संचालन में पति की सहयोगी बन सके। स्व-सहायता समूह सशक्त बनें और समूह से जुड़ी महिलाओं के परिवार की स्थिति में सुधार लायें। चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने कहा कि समाज में महिलाओं की ताकत ही परिवार का विकास कर सकती है। उन्होंने कहा कि महिलायें तभी सशक्त हो सकती है, जब वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने अधिकारों का उपयोग करें। यह बात जिला पंचायत की प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष श्रीमती गीता हर्षाना और चंबल कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने रविवार को जिला स्तरीय स्व-सहायता समूह को संबोधित करते हुये टाउनहॉल मुरैना में कही। इस अवसर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तरूण भटनागर, अतिरिक्त जिला सीईओ, डीपीएम सहित जिला पंचायत के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं मुरैना जिले के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलायें उपस्थित थी।           
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुये चंबल कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने कहा कि भारत में गरीबी से मुक्ति हेतु यह एक अभियान है। जिसमें भारत सरकार द्वारा संस्थागत विकास के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराते हुये एक संपूर्ण मिशन संचालित किया गया है। जिसमें ऐसे परिवार जो सामाजिक और आर्थिक संसाधनों से परिपूर्ण नहीं है। उन्हें संस्थागत, वित्त, आजीविका की विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक विकास करते हुये संवहिनीय आजीविका उपलब्ध कराना है। इसके लिये समाज में महिलाओं की भागीदारी सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा स्व-सहायता समूहों को सशक्तिकरण करने के लिये कटिबद्ध है। जहां तक की मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की तरक्की के लिये महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दे रहे है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की ताकत ही परिवार का विकास है। स्व-सहायता समूह के द्वारा ही महिला सशक्तिकरण का विकास संभव है।
    चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा ने कहा कि आज जो परिवारों में ताकत दिख रही है वह महिलाओं का सशक्त सहयोग है। इसके लिये कई उदाहरण प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा एलईडी के माध्यम से हम सभी को दिखाये गये है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलायें को हजारों, लाखों, करोड़ों के फायदे हो रहे है। समूहों से अन्य महिलायें भी जुड़े, परिवार और प्रदेश को सशक्त बनायें। मैं उम्मीद करता हूं कि समूह के माध्यम से आप सभी सशक्त बनें। यह मेरी ही नहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की मंशा है। सरकार आपके साथ है, आपको और आपके परिवार को मजबूत करने में प्रदेश सरकार प्रयत्नशील है। प्रदेश सरकार हर परिवार को खुशहाल देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहांे से महिलायें के जुड़ने से अब उनके परिजनों को मजदूरी कार्य के लिये बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। अब उन्हें घर पर ही रोजगार के साधन उपलब्ध होने लगे है। कई महिलायें समूहों से जुड़कर सिलाई, साड़ी की दुकान, पान की दुकान जैसे अनेको रोजगार खोल चुकी है। इनमें उनके परिजन भी हाथ बटा रहे है। आजीविका मिशन ने लोंगो की जिंदगी बदल दी है। प्रदेश में 33 लाख महिलायें स्व-सहायता समूहों से जुड़ चुकी है।  
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण भटनागर ने कहा कि स्व-सहायता समूह को आगे बढ़ने के लिये स्थानीय स्तर पर उद्योग लगायें। इसके लिये प्रदेश सरकार ऋण बतौर बहुत कम ब्याज दर पर ऋण दे रही है। जिसमें सरसों का तेल, बाजरे से मुर्गी दलिया (दाना), ब्रेकरी, मास्क, सैनेटाइजर, गणवेश, दौना पत्तल, कालीन जैसे उद्योग लगा सकती है।   
    कार्यक्रम के अंत में चंबल कमिश्नर द्वारा मुरैना जिले के 75 स्व-सहायता समूहों को सीसीएल राशि 75 लाख रूपये का चैक ऋण बतौर समूहों को दिया। जिससे वे स्थानीय स्तर से लोकल का वोकल बनाकर प्रधानमंत्री के सपनों को साकार कर सकें। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की दीदियों ने भी अपने बनाये गये समूह द्वारा एक्टिविटी को बताया एवं समूह बनाते समय कठिनाईयों को भी जिला प्रशासन के संज्ञान में लाई।

21 सितम्बर को स्ट्रीट वेण्डर्स होने वाला कार्यक्रम स्थगित

Sanjay gupta mandil,MORENA/ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के स्ट्रीट वेण्डर्स को 10 हजार रूपए की ऋण राशि प्रदान करने के लिए 21 सितम्बर को होने वाला कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है। अब यह कार्यक्रम 24 सितम्बर को होगा। यह जानकारी जिला सीईओ द्वारा दी गई है।

शनिवार, 19 सितंबर 2020

अशासकीय विदयालय संघ मुरैना मध्‍यप्रदेश की आम मीटिंग

 संजय गुप्‍ता मांडिल, मुरैना/अशासकीय विद्यालय संघ मुरैना मध्‍यप्रदेश की कआम मीटिंग 20 सितम्‍बर,2020 को प्रात:11:00 बजे यूरो किटस स्‍कूल अम्‍बाह पुल तिराहे मुरैना में रखी गई है सभी संचालकगण नियत समय पर पहुंचने की मेहरबानी करें । सभी स्‍कूल संचालक बंधू नि:संकोच जरूर आए । संदेश वाहक सचिव एवं संचालक डायमंड मिशन स्‍कूल मुरैना एमपी आज्ञा से अशासकीय विद्यालय संघ के सभी संचालक मुरैना मध्‍यप्रदेश की ओर से ।

ट्रायवल विभाग सहरिया जनजाति के लोंगो से जीवन संपर्क बनायें - जिला सीईओ मुरैना जिले में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र वितरित



संजय गुप्‍ता मांडिल,मुरैना/  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश सरकार सहरिया जनजाति लोंगो के लिये कृत संकल्पित है। उन्हें हर हाल में खुश देखना चाहती है। इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के 22 हजार सहरिया परिवारों को शनिवार को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र (पट्टे) वितरित किये गये है। जिसमें मुरैना जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट सभागार में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र जिला सीईओ द्वारा प्रदान किये गये है। इस अवसर पर ट्रायवल, वन विभाग के प्रभारी अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
    जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ आज मुरैना जिले में भी सहरिया परिवारों को पट्टे प्रदान किये गये है। अब इन परिवारों को इन पट्टो पर खेती करना है। इसलिये खेती की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये सिंचाई के संसाधन भी करने होंगे। इसके लिये कुआ, तालाव जैसे आदि स्त्रोत स्वीकृत कर लाभान्वित कराया जावेगा। उन्होंने कहा कि सहरिया जनजगत समुदाय के सदस्य है। उनके जीवन जंगल पर निर्धारित है। उनको जो जमीन दी जा रही है, वह उनका अधिकार रहेगा। वन क्षेत्र में रहना है, वन संपदा पर आश्रित थे। वन से जो भी प्राप्त होता है, उस पर निर्भर रहते है। जंगल पर पशु चाराना, औषधी, महुआ, शहद इकट्ठा कर अपनी जीविको को उपार्जन करते है। जंगल का विस्तार विद्यार्थी समुदाय के लोग कर रहे थे। सहरिया जनजाति के लोंगो को ट्रायवल विभाग को इतना ही नहीं उन्हें छात्रवृत्ति जैसी सुविधायें प्रदान करना ही सीमित नहीं है। इसके साथ यह भी सोचना है कि उन्हें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रदेश की कल्याणकारी योजनाआंे से भी लाभान्वित कराना है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रायवल विभाग को यह भी निर्देश दिये कि सहरिया परिवारों को पीएचई विभाग के माध्यम से स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य विभाग से समुचित स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सामाजिक न्याय विभाग से सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं से लाभान्वित किया जाये। उन्हें किसी भी योजना से वंचित नहीं रखा जाये। उनकी देखभाल, योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सहरिया जनजाति के लोंगो से ट्रायवल विभाग का जीवन संपर्क होना चाहिये। 
    जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि मुरैना जिले में 1193 तालाव, अर्वन डैम बनाये गये है, इससे पानी रूकेगा और लोंगो को रोजगार से संसाधन मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सहरिया परिवारों को आवास मिले, जो छूट गये है, उनका सूची में नाम चयनित हो। इसके साथ ही उनको जीविको उपार्जन के लिये जनजाति की महिलाओं का समूह बनाकर मुर्गी, बकरी जैसे पालन से जोड़ा जावे। इस अवसर पर उन्होंने पहाडगढ़ विकासखण्ड के ग्राम खड़रिया पुरा के सीताराम, सोवरन, श्रीमती मीरा, शिवचरन, रामनिवास, महाराज सिंह, बनवारी और श्रीपति को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इसके बाद प्रदेश स्तर से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन को एलईडी के माध्यम से सुना एवं देखा गया।

स्व-सहायता समूहों को आज मुख्यमंत्री द्वारा लाइव कार्यक्रम के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा

संजय गुप्‍ता मांडिल, मुरैना/ प्रदेश के स्व-सहायता समूहों को 20 सितम्बर को लाभान्वित किया जाएगा। इन्हें सशक्तीकरण के लिए करीब 150 करोड़ रूपए की राशि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक क्लिक से प्रदान की जाएगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम टाउनहॉल मुरैना में संपन्न होगा।

औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की व्यवसायिक खेती एवं प्रक्रियाकरण पर वेबिनार (ऑन-लाइन प्रशिक्षण)

संजय गुप्‍ता मांडिल, मुरैना/ उद्यमिता विकास केन्द्र म.प्र. (सेडमैप) भोपाल द्वारा आत्म निर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में व किसानों की आय दुगना करने की ओर एक कदम, औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की व्यवसायिक खेती एवं प्रक्रियाकरण पर आधारित ऑनलाइन वेबिनार 28 सितंबर से 30 सितम्बर 2020 तक तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न बहुमूल्य औषधीय पौधें - अश्वगंधा, सर्पगंधा, शतावर, सफेद मूसली, गिलोय, तुलसी, मोरिंगा, कोंच, पपीता आदि व सुगंधीय पौधें - लेमन ग्रास, पामारोजा, सिट्रोनेला, मेन्था, खस आदि की कृषि तकनीक, प्राथमिक प्रसंस्कण एवं इन पर आधारित उद्योग और इनके बीजों, प्लाटिंग मटेरियल के प्राप्ति स्थलों तथा मार्केटिंग हेतु संभावित बाजार की जानकारी दी जावेगी। इसके अतिरिक्त होम हर्बल गार्डन स्थापना व घरेलू जड़ी बूटियों के गुणों एवं उपचार आदि के संबंध में विस्तिृत रूप से जानकारी प्रदाय की जावेगी।
उच्च शिक्षा प्राप्त ऐसे युवक भी जो अभी तक खेती किसानी के कार्य को केवल कम पढ़े-लिखे लोगों का व्यवसाय मानते थे, औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की खेती अपनाकर गौरवान्वित महसूस करने लगे है। वर्तमान समय में औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की खेती करने की संभावनाये अधिक है क्योकि भारत की जलवायु में इन पौधों का उत्पादन आसानी से किया जा सकता है।
इस वेबिनार में किसान मोबाइल 8839678782 पर अथवा सेडमैप के जिला कार्यालय में अपना पंजीयन करवा सकते है। पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2020 नियत है। इस कार्यक्रम की जानकारी सेडमैप के जिला समन्वयक शिवप्रेम दोहरे द्वारा दी गयी।

जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानांतरण हो चुके है वे कलेक्टर की बिना अनुमति के कार्य मुक्त न करें

संजय गुप्‍ता मांडिल, मुरैना/  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन 2020 की घोषणा अतिशीघ्र की जाना संभावित है। उप निर्वाचन 2020 मुरैना जिले की 5 विधानसभा क्षेत्र में संपन्न कराना है। उप निर्वाचन 2020 संपन्न कराने के लिये मतदान दलों के लिये आयोग के निर्देशानुसार लगभग 5 हजार कर्मियों की कमी है। जिन पूर्ति हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने आयुक्त चंबल संभाग से मांग की है। इस संबंध में जिले से कई अधिकारी, कर्मचारियों के स्थान्तरण हुये है उन्हें बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी जिलाधिकारी कार्य मुक्त न करें। इससे मतदान दल गठन की कार्रवाही प्रभावित हो सकती है। कलेक्टर ने सभी अधिकारी, कर्मचारियों को जिले से बाहर बिना कार्यालय की अनुमति के कार्यमुक्त न हो। यदि कोई दूसरे जिले से अधिकारी, कर्मचारी स्थान्तरण होकर इस जिले में आया है तो उसकी जानकारी निर्वाचन कार्यालय को तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।