अटल प्रोग्रेस-वे का मोल समझा जलेबी बाई ने (खुशियों की दास्तां)

sanjay Gupta Mandil, MORENA/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल पर चंबल संभाग के मुरैना, भिण्ड और श्योपुर अंचल के लिए अभी तक की सबसे महत्वाकांक्षी योजना अटल प्रोग्रेस-वे को स्वीकृति दी गई है। इस प्रोग्रेस-वे के बनने से श्योपुर जैसे दूरस्थ जिले के विकास के द्वार खुलेगे। साथ ही इस क्षेत्र का औद्योगिक पिछड़ापन दूर होकर आर्थिक विकास की संभावना बढे़गी। यह प्रोग्रेस-वे कितना लाभदायी है। इसका मोल श्योपुर तहसील की दातरदा निवासी श्रीमती जलेबी बाई ने समझा है।      
    श्योपुर कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अटल प्रोग्रेस-वे के अंतर्गत श्योपुर तहसील के 34 गांव से वे गुजरेगा। जिसके अंतर्गत श्योपुर तहसील क्षेत्र के 828 कृषको की भूमि में से 715 का सर्वे राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है। इस दिशा में आयोजित श्योपुर तहसील के क्षेत्र में 23 एवं वीरपुर के क्षेत्र में 17 कैम्प किसानो से सहमति पत्र भरवाने के लिए लगाये जा चुके है। जिसमें 155 किसानो द्वारा अपनी भूमि के बदले दोगुना भूमि लेने के लिए सहमति पत्र दिये है। इसी प्रकार वीरपुर तहसील के क्षेत्र के 18 गांवो के 619 किसानों में से 188 किसानो ने आयोजित 17 कैम्पो में अपने सहमति पत्र दोगुना भूमि लेने के लिए भरे जा चुके है।
    श्योपुर तहसील के ग्राम दातरदा की निवासी श्रीमती जलेबी बाई ने बताया कि  मेंरे पास कुल 2.100 हेक्टेयर भूमि है। जिसमें से 0.540 हेक्टेयर भूमि अटल प्रोग्रेस-वे में जा रही है। मेरे द्वारा सर्वे नंबर 240 रकबा 1.80 हेक्टेयर लेने की सहमति दे दी है। इस निर्णय में मेरे पति श्री गिर्राज भी साथ है। हम पति-पत्नी अटल प्रोग्रेस-वे की सौगात लाने के लिए मुत्रयमंत्री श्री शिवराज सिहं चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के आभारी है।  

डी.डी.शाक्यवार 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आज अंतिम तारीख आज 17 उम्मीदावरों ने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये

14 स्थान कंटेनमेंट जोन से मुक्त

कवल वन्यजीव अभयारण्य में वन भूमि का अतिक्रमण