पेट्रोल-डीजल पंपों की जांच का प्रदेश व्यापी अभियान

पेट्रोल-डीजल पंपों की जांच का प्रदेश व्यापी अभियान

बीस बंद : 119 के खिलाफ प्रकरण दर्ज, इस बार एक भी कंपाउडिंग नहीं, सभी प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत

उपभोक्ताओं को सही मात्रा में डीजल-पेट्रोल मिले इसके लिए प्रदेश व्यापी अभियान में 1899 डीजल एवं पेट्रोल पंपों की जांच की गई जिसमें 119 पंपों के विरुध्द न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से बीस पंपों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। यह जानकारी देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि सरकार आम उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने के साथ उनके हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबध्द है।

सहकारिता मंत्री श्री भार्गव के निर्देश पर चले इस अभियान का उद्देश्य डीजल एवं पेट्रोल में मिलावट पर अंकुश लगाना और उपभोक्ताओं को सही नापतौल के साथ पेट्रोल डीजल दिलाना था। निरीक्षण अभियान के दौरान जिन 119 पंपों के विरुध्द प्रकरण दर्ज किए गए उनके पंप पर प्रथमतया मिलावट एवं कम नापतौल पाया गया। इनमें बीस पेट्रोल पंप तो उपभोक्ताओं को वास्तविक मात्रा से कम डीजल, पेट्रोल दे रहे थे। ये पंप थे मे. हबीबचंद्र एण्ड कंपनी आई.ओ.सी. शमशाबाद विदिशा, मे. गिरीराज फिलिंग स्टेशन कुकराबाद हरदा, मे. लकी सेंटर आई.ओ.सी. डीलर इंदौर, मे. गति कार्पोरेशन लिमि. एच.पी.सी. इंदौर, मे. गति कार्पोरेशन लिमि. एच.पी.सी. इंदौर, मे. पालीवाल फ्यूल खजराना चौराहा इंदौर, मे. श्री बाबाजी आटो सर्विस इंदौर रोड सनावद, मे. अनिल कठल आत्मज गोपालदार कठल आई.ओ.सी. डीलर करेली नरसिंहपुर, मे. राधीका फ्यूल स्टेशन एस्सार डीलर मुड़की जिला उज्जैन, मे. मनीष चंदेल, आई.ओ.सी. डीलर बड़नगर, मे. ग्वालियर दुग्ध सहकारी संघ एच.पी.सी.एल. डीलर ग्वालियर, मे. मिलन पेट्रोलियम टेकनपुर ग्वालियर, मे. वल्लभचंद्र आई.ओ.सी. डीलर शिवपुरी, मे. दुर्गा फिलिंग स्टेशन देउगवा नईगढ़ी रीवा, मे. सत्यम आटो फिलिंग स्टेशन नागौद जिला सतना, मे. पातीराम शिवहरे, बी.पी.सी.एल. डीलर भिण्ड, मे. अहिंसा पेट्रोलियम रिलायंस मेहगांव, भिण्ड, मे. छगरिया किसान सेवा केन्द्र आई.ओ.सी. डीलर जेसीनगर। इनमें से एक पेट्रोल पंप को न्यायालय के आदेश पर एक लाख रुपये की सुपुर्दगी एवं दस हजार रुपये की जमानत पर पुन: चालू करने के आदेश दिए। यह प्रकरण उज्जैन जिले का है। बीस के अलावा शेष 99 प्रकरणों में नापतौल विभाग द्वारा निर्धारित मात्रा से कम, नापतौल उपकरणों की समयावधि सत्यापित न होना, नापतौल उपकरण अवमानक होना, प्रमाण-पत्र सहजगोचर पर उपलब्ध न होना, ऑयल पैकेट पर आवश्यक घोषणा अंकित न होना पाया गया।

पेट्रोल डीजल पंपों के इस निरीक्षण अभियान का विशेष पहलू यह है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री भार्गव द्वारा कंपाउडिंग पर सख्ती से रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि जो भी प्रकरण दर्ज किए जाएं उन्हें न्यायालय में ही प्रस्तुत किया जाए न कि नाममात्र का कंपाउडिंग की औपचारिकता पूर्ण की जाए। मंत्री के निर्देश पर अनियमितता करने वाले सभी पेट्रोल पंपों के ऊपर प्रकरण दर्ज कर उनके चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इस अभियान के तहत एक ही माह में 119 प्रकरण दर्ज किए गए जबकि 2005-06 में 65 तथा 2006-07 में 70 प्रकरण ही बने थे। जिलेवार निरीक्षण किए गए पेट्रोल एवं डीजल पंपों की संख्या इस प्रकार है - भोपाल 3 प्रकरण, विदिशा 1 प्रकरण, सीहोर 1 प्रकरण, रायसेन 1 प्रकरण, राजगढ़ 2 प्रकरण, होशंगाबाद 11 प्रकरण, बैतूल 2 प्रकरण, हरदा 4 प्रकरण, इंदौर 11 प्रकरण, धार 2 प्रकरण, झाबुआ 2 प्रकरण, खण्डवा 4 प्रकरण, बुरहानपुर 2 प्रकरण, खरगोन 6 प्रकरण, बड़वानी 2 प्रकरण, जबलपुर 4 प्रकरण, कटनी 1 प्रकरण, नरसिंहपुर 1 प्रकरण, मंडला 1 प्रकरण, डिंडोरी 1 प्रकरण, छिंदवाड़ा 3 प्रकरण, उज्जैन 4 प्रकरण, शाजापुर 1 प्रकरण, देवास 1 प्रकरण, रतलाम 1 प्रकरण, ग्वालियर में 8 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

 

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