खण्ड स्तरीय समिति को वन अधिकार अधिनियम की जानकारी

खण्ड स्तरीय समिति को वन अधिकार अधिनियम की जानकारी
संजय गुप्‍ता(मांडिल) मुरैना ब्‍यूरो चीफ मुरैना 8 अप्रैल 08/ अनुसूचित जनजाति और परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 एवं नियम 2007 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गत दिवस जिला पंचायत के सभागार में उपखंड स्तरीय समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। भोपाल के सेवानिवृत आई.ए.एस. श्री तोमर और सेवानिवृत आई.एफ.एस. श्री कुशवाह ने उपखंड स्तरीय समिति के शासकीय और अशासकीय सदस्यों और मास्टर ट्रेर्न्स को वन अधिकारों की मान्यता के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यह अधिनियम भारत सरकार द्वारा 31 दिसम्बर 07 से प्रभावशील है। इसके तहत 13 दिसम्बर 2005 से पहले के वन भूमि पर काविज अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को अधिकारों की मान्यता देनी है। इसी प्रकार अन्य परम्परागत वन निवासी के मामले में कम से कम तीन पीढियों तक प्राथमिक रूप से वन भूमि में निवास करना और जीविका के लिए उस पर निर्भर रहना जरूरी है। खंड स्तरीय समिति को इस अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं में गठित वन अधिकार समिति को दावे प्रपत्र भरवाने में मदद करनी है और इस कार्य को 14 से 20 अप्रैल तक आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में आवश्यक रूप से पूर्ण कराना है। इस अवसर पर भिण्ड मुरैना और श्योपुर जिले की खण्ड स्तरीय समिति के सदस्य, मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं अंत में आभार प्रदर्शन जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण श्री के.पी. पांडेय ने किया।

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