पिता का देखा सपना बेटे ने पूरा किया (सफलता की कहानी)

पिता का देखा सपना बेटे ने पूरा किया (सफलता की कहानी)
संजय गुप्‍ता/मांडिल/ मुरैना ब्‍यूरो चीफ मुरैना 19 फरवरी 08दमोह जिले के ग्राम सुरई के छोटे किसान फूलसिंह घोषी के पिता ने जो सपना देखा था उसे उन्होंने पूरा कर दिखाया है। यह सपना था खेत में कुऑं खोदने का जिसे सरकार की मदद से फूलसिंह ने पूरा कर लिया कुआं क्या खुदा कृषक श्री फूलसिंह घोषी को खजाना ही मिल गया है।
हीरे मोती, धन जेवरात मिलने को ही लोग खजाना कहते हैं किन्तु फूलसिंह तो अपने खेत में कपिलधारा योजना के तहत खुदे कुएं के जल को किसी खजाने से कम नहीं आंकते हैं।
साढ़े तीन एकड़ के इस कृषक की जीवन में एक ही तमन्ना थी कि किसी तरह उनके खेत में एक कुआं बन जाये। यह सपना देखते उसके पिता दुनिया ही छोड़ गये। लेकिन उनका यह सपना सच नहीं हुआ वजह थी कि कुआं खुदाई के लिये गुंजाइश जो नहीं थी ।
फूलसिंह ने चर्चा के दौरान बताया कि इस वर्ष खरीफ में सोयाबीन, धान और उड़द की फसल बोई थी पर समय पर वर्षा नहीं हुई, खेत में कुआं नहीं था इसलिये कुछ हाथ नहीं लगा। रबी की फसल बोने की सोची पर पानी नहीं था मिन्नत करके गांव के एक किसान के कुएं से जैसे-तैसे खेत में पानी लाये और लोकमन किस्म के गेंहू की बुआई कर दी पर फिर सिंचाई की चिंता खाये जा रही थी। इसी बीच पंचायत के सरपंच वीरेन्द्र कुमार तिवारी और सचिव सुधीर श्रीवास्तव ने पंचायत में कहा कि कुआं करालो तुम्हारा हित बन जायेगा। एक महीना हो गया कुआं खुदवाते हुये 15-16 फीट पर पानी आ गया। अब इससे पूरे खेतों की सिंचाई कर ली है, फसल इस बार बहुत अच्छी है, इस बार दो गुनी 14-15 क्विंटल तक गेहूं मिलने की उम्मीद है।
आज सरकार की योजना की बदौलत बिना किसी लागत के कुआं बन रहा है, उसके दो लड़के भी इसमें काम कर रहे हैं जिससे उन्हें मजदूरी भी मिल रही है।
फूलसिंह जैसे इस ग्राम के कृषक महेश घोषी, दशरथ बिहारी, राधिका जैसे 17 कृषकों के खेतों मे कपिलधारा योजना के तहत कुऑं खोदे जा रहे हैं। यहाँ यह बात काबिले गौर है कि गत दो महीनों से कलेक्टर विकासखण्ड मुख्यालयों पर सरपंच सचिव की लगातार बैठकें लेकर कुआं निर्माण कार्य में गति लाने प्रयासरत हैं जिसका प्रतिफल है कि जिले में 4 हजार 722 कुआं निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। जिनमें से 2399 कुओं का निर्माण शुरू है। अधिकांश कृषकों के कुआेंं में 10 से लेकर 20 फीट की गहराई में पानी आ गया है जिससे खेत की फसलों में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था बनने लगी है।
कपिल धारा योजना गरीब किसानों के लिये तो-हर्रा लगे न फिटकरी रंग चोखो की कहावत को चरितार्थ कर रह है, जो ग्रामीण अर्थ व्यवस्था के लिये वरदान साबित हो रही है।

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