रेल की समूचे ब्राडगेज नेटवर्क पर टक्कररोधी यंत्र लगाने की योजना

रेल की समूचे ब्राडगेज नेटवर्क पर टक्कररोधी यंत्र लगाने की योजना

भारतीय रेल 2013-14 तक अपने पूरे ब्राडगेज नेटवर्क पर लगभग 57,000 टक्कररोधी यंत्र लगाने की योजना बनाई है । मैसर्स कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड मैसर्स कर्नेक्स माइकोसिस्टम (इडिया) लिमिटेड के सहयोग से पिछले तीन वर्षों के दौरान लगभग 2,3000 यंत्रों की आपूर्ति कर चुका है।

       नार्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के कटिहार-न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी-तिनसुकिया-डिब्रूगढ-लेडो खंड पर यह यंत्र लगाए जा चुके हैं और इन्होंने काम करना शुरू कर दिया है । इन प्रणाली का अन्य 10,000 मार्ग किलोमीटर रूट पर विस्तार के लिए  सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इन यंत्रों के लगाये जाने पर ट्रेनों की परस्पर भिडंत से होने वाली दुर्घटना रोकने में काफी मदद मिलेगी । इससे स्टेशनयार्डों में भी होने वाली दुर्घटनाओं को भी टाला जा सकेगा। इन टक्कररोधी यंत्रों को सिग्नल प्रणाली और इंटरलोंकिंग प्रणाली से जाना जाता है और टक्कर के हालात बनने पर यह यंत्र तत्काल कार्य करने लगते हैं।

       यातायात में अंधाधुंध बढोतरी के बावजूद रेल दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है । वर्ष 2000-01  में 464 रेल दुर्घटनाएं हुईं, जो वर्ष 2005-06 में 50 प्रतिशत घट कर 234 रह गई। 2006-07 में 195 रेल दुर्घटनाएं हुई । सुरक्षा भारतीय रेल का लक्ष्य है और इस लक्ष्य को पूरा करने व यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेल सभी आवश्यक कदम उठा रही है ।

 

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