सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये अधोसंरचना सहित सभी सुविधाएं दी जायेंगी

सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये अधोसंरचना सहित सभी सुविधाएं दी जायेंगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा आई.टी. कांफ्रेंस में घोषणा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये प्रदेश सरकार अधोसंरचना सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी जिससे ज्यादा से ज्यादा आई.टी. पर आधारित उद्योगों की प्रदेश में स्थापना हो सके। श्री चौहान आज यहां होटल नूर-उस-सबा में प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, नेसकाम और कम्प्यूटर सोसायटी आफ इंडिया के सहयोग से आयोजित आई.टी. पर आधारित उद्योगों में निवेश पर आयोजित ''डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश'' कांफ्रेंस को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, नेसकाम के अध्यक्ष श्री किरण कार्णिक और सी.एस.आई. के श्री ए.के. अग्रवाल ने भी सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये।

श्री चौहान ने कहा कि आई.टी. पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये कांफ्रेंस के निष्कर्षों के आधार पर यदि हमें प्रदेश की आई.टी. नीति में परिवर्तन करने की आवश्यकता हुई तो उसमें भी संशोधन करेंगे जिससे प्रदेश में आई.टी. पर आधारित उद्योग तेजी से स्थापित हो सकें। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में भोपाल और इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों का शीघ्र निर्माण होगा। इससे दूसरे देशों के उद्योगपतियों द्वारा भी आई.टी. के क्षेत्र में प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ई-गवर्नेंस का तेजी से विकास किया जा रहा है। समाधान आन लाइन सहित अनेक नागरिक सुविधाएं आई.टी. के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। श्री चौहान ने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश देश का आई.टी. का डेस्टिनेशन (मंजिल) होगा। हमारा दृढ़ विश्वास है कि अब आई.टी. के बिना विकास संभव नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार की नीति और नीयत दोनों ठीक हैं जिससे आई.टी. उद्योगों की स्थापना में मदद मिलेगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अब आई.टी. मध्यप्रदेश के शहरों तक सीमित न रह कर 33 प्रतिशत आदिवासी अंचलों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना रहा है। आई.टी. के विस्तार से अब सरकार छुट्टी के दिनों भी कार्यशील रहेगी। नागरिक घर बैठे प्रमाण-पत्र निकाल सकेंगे और नगरीय निकायों के टैक्स आदि जमा कर सकेंगे। ई-गुमठी की स्थापना से सूचना प्रौद्योगिकी का गांव-गांव तक विस्तार होगा।

नेसकाम के अध्यक्ष श्री किरण कार्णिक ने अपने सम्बोधन में कहा कि आई.टी. के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। भोपाल और इंदौर के हवाई अड्डों में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें आने से पर्यटन के साथ-साथ आई.टी. के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश सरकार की आई.टी. की नीति उद्योगों की स्थापना के अनुकूल है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अनुराग जैन ने आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि एन.आई.सी. द्वारा विडियो कांफ्रेंसिंग में मध्यप्रदेश पूरे देश का 50 प्रतिशत समय का उपयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव सहित सभी विभागों के सचिव विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों से नियमित सम्पर्क बनाये रखते हैं।

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