कैंसर पर चिकित्सक प्रशिक्षण संपन्न

कैंसर पर चिकित्सक प्रशिक्षण संपन्न
संजय गुप्‍ता(मांडिल) मुरैना ब्‍यूरो चीफ मुरैना 10 अक्टूबर 08/ कैसर रोगियों की दिन प्रतिदिन बढती संख्या एवं परिणामों की गंभीरता के समुचित निपटान के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय ने कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान, जन विकास न्यास ग्वालियर को नोडल एजेंसी के रूप में जिला कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश के 14 जिलों भिण्ड, मुरैना, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भोपाल, रायसेन, सिवनी, बालाघाट, राजगढ, शाजापुर, छतरपुर एवं टीकमगढ में अधिकृत किया है ।
इसी तारतम्य में मुरैना जिले के निजी एवं शासकीय सेवारत चिकित्सकों का प्रशिक्षण सी.एम.एच.ओ. डाँ. जनार्दन अतुलकर के मुख्य आतिथ्य में तथा सिविल सर्जन डां. आर सी. बांदिल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया । आई.एम.ए. अध्यक्ष डां. ओ.पी. शुक्ला विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे ।
डां. अतुलकर ने कैंसर के विरूद्व लोक स्वास्थ्य के लिए जिला कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम को सार्थक पहल बताते हुए इसकी सफलता हेतु चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी जोडने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि कैंसर गंभीर किंतु साध्य रोग है यदि इसका पता जल्दी लगे तो शीघ्र इसका उपचार आरंभ कर सफल चिकित्सा की जा सकती है । उन्होंने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्वति एवं औषधियों की खोज एवं आविष्कार से कैंसर का उपचार कर पाना संभव हुआ है । अत: चिकित्सकों के लिए इस विषय पर आयोजित यह प्रशिक्षण ज्ञानार्जन चिकित्सा एवं संदर्भ हेतु भेजने के लिए उपयोगी सिद्व होगा ।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डां. आर.सी. बांदिल ने सबसे अधिक पाये जाने वाले मुख के कैंसर तथा इसके कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान ग्वालियर को इस आयोजन पर साधुबाद देते हुए भविष्य में जिला कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम की सफलता के लिए कामना की एवं सहयोग हेतु प्रतिबद्वता व्यक्त की ।
कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. निधिशा अग्रवाल ने कैंसर रोग क्या है इस विषय पर समझाते हुए बताया कि विभिन्न रूपों में तम्बाकू का सेवन जैसे बीडी, सिगरेट, चिलम, सिगार, हुक्का, तम्बाकू मैनपुरी, गुटखा, खैनी, इत्यादि न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि 25 प्रतिशत प्रकरणों में तम्बाकू सेवन ही कैंसर के लिए उत्तरदायी है । उन्होंने इसके लक्षणों को सचित्र प्रस्तुति द्वारा समझाते हुए रोग के निदान हेतु प्राथमिक निरीक्षण एवं बायाप्सी जांच के बारे में बताया । प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने चिकित्सकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का समाधान भी किया । कैंसर चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डी.सिंह ने स्तन कैंसर के निदान हेतु स्वत: स्तन परीक्षण एवं मेमोग्राफी परीक्षण तकनीक की जानकारी दी । उन्होंने इसके उपचार हेतु शल्य चिकित्सा विकिरण चिकित्सा, रसोचिकित्सा, औषधि चिकित्सा में से एक या अधिक का यथोचित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी । डां. किइवर सुल्ताना ने गर्भाशय कैंसर पर जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मधु वर्मा ने किया एवं श्री उमेश भारद्वाज ने आभार प्रदर्शन किया । श्री एस.बी.भार्गव व श्री शैलेन्द्र यादव ने कार्यक्रम आयोजन में सहयोग प्रदान किया ।

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