ट्रायवल विभाग सहरिया जनजाति के लोंगो से जीवन संपर्क बनायें - जिला सीईओ मुरैना जिले में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र वितरित



संजय गुप्‍ता मांडिल,मुरैना/  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश सरकार सहरिया जनजाति लोंगो के लिये कृत संकल्पित है। उन्हें हर हाल में खुश देखना चाहती है। इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के 22 हजार सहरिया परिवारों को शनिवार को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र (पट्टे) वितरित किये गये है। जिसमें मुरैना जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट सभागार में 8 सहरिया परिवारों को वनाधिकार हक प्रमाणपत्र जिला सीईओ द्वारा प्रदान किये गये है। इस अवसर पर ट्रायवल, वन विभाग के प्रभारी अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
    जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ आज मुरैना जिले में भी सहरिया परिवारों को पट्टे प्रदान किये गये है। अब इन परिवारों को इन पट्टो पर खेती करना है। इसलिये खेती की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये सिंचाई के संसाधन भी करने होंगे। इसके लिये कुआ, तालाव जैसे आदि स्त्रोत स्वीकृत कर लाभान्वित कराया जावेगा। उन्होंने कहा कि सहरिया जनजगत समुदाय के सदस्य है। उनके जीवन जंगल पर निर्धारित है। उनको जो जमीन दी जा रही है, वह उनका अधिकार रहेगा। वन क्षेत्र में रहना है, वन संपदा पर आश्रित थे। वन से जो भी प्राप्त होता है, उस पर निर्भर रहते है। जंगल पर पशु चाराना, औषधी, महुआ, शहद इकट्ठा कर अपनी जीविको को उपार्जन करते है। जंगल का विस्तार विद्यार्थी समुदाय के लोग कर रहे थे। सहरिया जनजाति के लोंगो को ट्रायवल विभाग को इतना ही नहीं उन्हें छात्रवृत्ति जैसी सुविधायें प्रदान करना ही सीमित नहीं है। इसके साथ यह भी सोचना है कि उन्हें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रदेश की कल्याणकारी योजनाआंे से भी लाभान्वित कराना है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रायवल विभाग को यह भी निर्देश दिये कि सहरिया परिवारों को पीएचई विभाग के माध्यम से स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य विभाग से समुचित स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सामाजिक न्याय विभाग से सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं से लाभान्वित किया जाये। उन्हें किसी भी योजना से वंचित नहीं रखा जाये। उनकी देखभाल, योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सहरिया जनजाति के लोंगो से ट्रायवल विभाग का जीवन संपर्क होना चाहिये। 
    जिला सीईओ श्री तरूण भटनागर ने कहा कि मुरैना जिले में 1193 तालाव, अर्वन डैम बनाये गये है, इससे पानी रूकेगा और लोंगो को रोजगार से संसाधन मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सहरिया परिवारों को आवास मिले, जो छूट गये है, उनका सूची में नाम चयनित हो। इसके साथ ही उनको जीविको उपार्जन के लिये जनजाति की महिलाओं का समूह बनाकर मुर्गी, बकरी जैसे पालन से जोड़ा जावे। इस अवसर पर उन्होंने पहाडगढ़ विकासखण्ड के ग्राम खड़रिया पुरा के सीताराम, सोवरन, श्रीमती मीरा, शिवचरन, रामनिवास, महाराज सिंह, बनवारी और श्रीपति को वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इसके बाद प्रदेश स्तर से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन को एलईडी के माध्यम से सुना एवं देखा गया।

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