चंबल संभाग में इस वर्ष 54 हजार 840 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जायेंगी चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा ने 10 प्रतिशत उद्यानिकी का रकबा बढ़ाने के दिये निर्देश

 चंबल संभाग में इस वर्ष 54 हजार 840 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें लेने का लक्ष्य प्रस्तावित है, जो गत वर्ष से इस वर्ष 3 हजार 491 हेक्टेयर अधिक है। गत वर्ष 51 हजार 349 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली गई थी।   
   संजय गुप्‍ता मांडिल, मुरैना/ चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आर.के. मिश्रा ने उद्यानिकी फसलों का रकवा कम से कम 10 प्रतिशत और बढ़ाने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि सब्जियों का उत्पादन तीनों जिलों में बहुत कम है। हमें सब्जियों के लिये दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। भिण्ड जिले में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। भिण्ड में रकवा बढ़ाकर सब्जियों की पैदावार की अत्यन्त आवश्यकता है।     गुरूवार को चंबल संभाग के कमिश्नर ने उद्यानिकी विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिये।   
    समीक्षा के दौरान बताया कि मुरैना जिले में इस वर्ष 17 हजार 609.10 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे 3 लाख 12 हजार 618.80 मैट्रिक टन उद्यानिकी फसलों का उत्पादन संभावित है। भिण्ड जिले में 11 हजार 187 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें लेना प्रस्तावित है। इससे 1 लाख 84 हजार 459 मैट्रिक टन उत्पादन संभावित है। श्योपुर जिले में 26 हजार 444 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें लेना प्रस्तावित है। प्रस्तावित फसलों से 2 लाख 19 हजार 69 मैट्रिक टन उद्यानिकी उत्पादन संभावित है।  
    फलों में अमरूद, नीबूं, सब्जियों में आलू, प्याज, टमाटर, मिर्ची, कद्दूवर्गीय, गोबी वर्गीय, मसाला खेती में धनियां, मिर्ची, पुष्प खेती में गेंदा, गुलाब, ग्लेडूलम में गुलदावली और औषधी खेती में तुलसी, अश्वगंधा, अजबाईन, मेंथी, ऐलोवेरा लिया जायेगा। मौके पर कमिश्नर ने नर्सरियों को विकसित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों में किसान 4-5 बार फसलें ले सकता है। उन्हें गाइड करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हाईब्रिड बीज का उपयोग करने पर 2 या 3 माह में फसलें तैयार हों जाती है।

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