भारत पर विदेशी कर्ज स्थिति रिपोर्ट जारी

भारत पर विदेशी कर्ज स्थिति रिपोर्ट जारी

भारत पर 31 मार्च 2007 को 155.00 अरब अमरीकी डॉलर मूल्य का कर्ज था जो सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी का 16.4 प्रतिशत है। इस वर्ष के दौरान कर्ज में 28.5 अरब अमरीकी डॉलर मूल्य की वृध्दि से कर्ज में 22.6 प्रतिशत बढोतरी का पता चलता है। इस दौरान कुल कर्ज में करीब 10 प्रतिशत वृध्दि अन्य प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय मुद्राओं की तुलना में अमरीकी डॉलर के कमजोर होने के कारण हुई। आज यहां जारी  न्नभारत पर विदेशी कर्ज :   स्थिति रिपोर्ट न्न में यह जानकारी दी गई है। यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग ने जारी की है।

       रुपए के लिहाज से देखें तो मार्च 2007 के अन्त में भारत पर 675,857 करोड़ रुपए का विदेशी कर्ज था। क्षेत्रानुसार, व्यावसायिक कर्ज में सर्वाधिक यानि 56 प्रतिशत  की वृध्दि हुई जबकि अनिवासी भारतीय (ङक्ष्)  जमाओं में 16 प्रतिशत की वृध्दि  हुई। लघु अवधि के कर्ज में 12 प्रतिशत और बहुपक्षीय कर्ज में 11 प्रतिशत वृध्दि हुई।

       विश्व बैंक के नवीनतम ग्लोबल डेवलपमेंट फाइनेंस 2007 रिपोर्ट के अनुसार विदेशी कर्ज और सकल राष्ट्रीय आय का अनुपात सबसे कम चीन में है और भारत दूसरे नम्बर पर है। इसमें 2005 के आंकड़े दिए गए हैं। वर्तमान स्थिति रिपोर्ट इस श्रृंखला में 13वीं रिपोर्ट है। इसमें 2006-07 के दौरान भारत के विदेशी कर्ज को दिखाया गया है। यह रिपोर्ट 1990 से देश के विदेशी कर्ज की तस्वीर उपलब्ध करा रही है। भारत के विदेशी कर्ज की प्रस्तुति और विश्लेषण के अलावा इस रिपोर्ट में भारत के विदेशी कर्ज और अन्य कर्जदार विकासशील देशों की अंतर्राष्ट्रीय तुलना भी की गई है। सम्पूर्ण रिपोर्ट वित्त मंत्रालय की वेबसाइट    .ढत्दत्द.दत्ड़.त्द   पर भी उपलब्ध है।

 

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