सरकार चिकत्सा उपकरण विनियमन विधेयक लाएगी

सरकार चिकत्सा उपकरण विनियमन विधेयक लाएगी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देशभर में मानक चिकित्सा उपकरणों के एकसमान तथा प्रभावी मानकों को लागू करने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार कर रही है। इससे  खासकर विकासशील देशों, जहां चिकित्सा उपकरण विनियमन नहीं हैं, को निम्न स्तर के चिकत्सा उपकरणों के निर्यात पर रोक लगेगी।      

       सरकार का एक विनियामक प्राधिकरण स्थापित करने का भी प्रस्ताव  है। प्राधिकरण चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभावकारिता तथा उपलब्धता आदि से सम्बध्द राष्ट्रीय प्रमाणीकरण प्रणाली की स्थापना करेगा। केन्द्रीय विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी तथा भू-विज्ञान मंत्री श्री कपिल सिब्बल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

       उन्होंने कहा कि फिलहाल चिकित्सा उपकरणों का विनियमन, डिजाइन, विकास तथा विनिर्माण की गुणवत्ता प्रणाली के इस्तेमाल तथा विभिन्न मानकों से इनकी अनुरूपता के जरिए होता है। ये विनियमन अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में  गैर-शुल्क बाधाएं बन गए हैं। इसलिए, देश में चिकित्सा उपकरण उद्योग के संवर्धन और विकास के लिए मौजूदा स्वीकृत ग्लोबल हार्मोनाइजिंग टास्क फोर्स के सिध्दान्तों को शामिल करके एक कुशल तथा प्रभावी विनियामक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी।

       श्री सिब्बल ने कहा कि चिकित्सा उपकरणों का फेल होना घातक हो सकता है। प्रत्यारोपण के जटिल उपकरणों का इस्तेमाल  केवल पेशेवर चिकित्सक दल ही कर सकते हैं। कुछ उपकरण ऐसे होते हैं, जो विद्युत - चुम्बकीय किरणों का उत्सर्जन करते हैं या फिर इनसे प्रभावित हो सकते हैं और इनके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों की जरूरत होती है। पर्यावरण के नजरिए से चिकित्सा उपकरणों का निपटान भी एक विशेष समस्या है, इसलिए, एक विनियामक प्रणाली बनाने की जरूरत महसूस की गई थी।

 

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