उपचुनाव में नोडल अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं - जिला निर्वाचन अधिकारी श्री वर्मा कम्युनिकेशन प्लान की जानकारी ठीक से न देने पर उपसंचालक कृषि को निलंबन का नोटिस मुरैना |

संजय गुप्‍ता मांडिल, ब्‍यूरो मुरैना/

    विधानसभा उप निर्वाचन 2020 के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी अपने-अपने कार्यो को प्राथमिकता दें। उप चुनाव में कई प्रकार के इश्यू आते है, संबंधित अधिकारी को चौकन्ना होकर सौंपे गये कार्य को सुनिश्चित करें। बैठक में कम्युनिकेशन प्लान की जानकारी न देने पर उप संचालक कृषि को निलंबन का नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने मंगलवार को नवीन कलेक्ट्रेट भवन में देर रात्रि तक चली बैठक में चुनाव के लिये बनाये गये नोडल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण भटनागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर श्री उमेश शुक्ला, एसडीएम सबलगढ़ सुश्री अंकिता धाकरे, पांचो विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफीसरों सहित उप चुनाव 2020 के लिये बनाये गये समस्त नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने समस्त नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि विधानसभा उपचुनाव 2020 अन्य चुनावों की अपेक्षा अधिक टिपीकल होता है। इसलिये हर चुनाव में लगे नोडल अधिकारियों को चोकन्ना होकर सौंपे गये दायत्विों को पूर्ण करना होगा। मुझे किसी भी अधिकारी की कहीं से भी शिकायत मिली तो चुनाव नियमांे के तहत उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाही होगी। उन्होंने कहा कि नोमिनेशन का कार्य 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर को नाम निर्देशन पत्रों की समीक्षा के बाद 19 अक्टूबर को अपरान्ह 3 बजे उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित हो जायेंगे। चुनाव चिन्ह आवंटित होने के पश्चात् कई दलों के लोग विभिन्न प्रकार की अनुमति प्राप्त करने के लिये आवेदन करेंगे। उसमें विलंब नहीं होना चाहिये। इसके लिये रिटर्निंग ऑफीसर अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक सहायक रिटर्निंग ऑफीसर चिन्हित करें।
    कलेक्टर ने कहा कि जिले में आचार संहिता का पूरी तरह से पालन किया जाये। संपत्ति विरूपण या अवैध सामग्री वितरण की सूचना मिलती है तो तत्काल चुनाव नियम के तहत बिना हिचकिचाहट के कार्रवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन न हो। इसके लिये रिटर्निंग अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में फीड बैक लेकर कार्य करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में एसएसटी, व्हीएसटी, व्हीव्हीएसटी, एफएसटी टीम गठित हो गई है। वे अपने कार्य प्राथमिकता से करें। जो भी अवैध सामग्री प्राप्त होती है तो उसे सीज करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में आमसभा के लिये स्थान चिन्हित कर दिये गये है। कोविड को ध्यान में रखते हुये आमसभा में नियमों का उल्लंघन न हो। इसके लिये वीडियो सर्विलेंस टीम प्राथमिकता से कव्हरेज करे। कलेक्टर ने कहा कि मतदान दल कर्मचारियों को मतदान के बाद भुगतान किया जाना है। उनके लिये खाता नंबर, आईएफएससी  कोड को अंकित कर कार्य को प्राथमिकता दें। चुनाव के पश्चात् मुझे इस प्रकार की शिकायतें नहीं मिलना चाहिये कि खाता नंबर उपलब्ध न कराने पर मुझे भुगतान नहीं हुआ।
    चुनाव कार्य में कम्युनिकेशन प्लान चुनाव की धुरी होता है। कम्युनिकेशन प्लान पर मोबाइल नम्बर आदि फीड रहते है, जिसमें उप संचालक कृषि श्री पीसी पटेल द्वारा अभी तक कोई तैयारी नहीं करने पर कलेक्टर ने उनके निलंबन का नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
    कलेक्टर ने प्रत्येक रिटर्निंग ऑफीसरों को निर्देश दिये कि क्रिटिकल मतदान केन्द्रों की स्थिति उम्मीदवार तय होने के बाद साफ हो जाती है, रिटर्निंग ऑफीसर ऐसे समस्त मतदान केन्द्रों की लोकेशन देंखे। सीएमओ एवं जनपद सीईओ तीन दिवस के अंदर समस्त मतदान केन्द्रों की साफ-सफाई कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7 बजे से सायं 6 बजे तक संपन्न होगा। मतदान समाप्ति तक संपूर्ण मतदान केन्द्रों पर अंधेरा नहीं रहे, इसके लिये विद्युत व्यवस्था के अलावा प्रत्येक मतदान केन्द्रों पर दो-दो पैट्रोमेक्स, पॉलिंग पार्टियों के रूकने के लिये गद्दे, कंबल तथा भोजन की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उन्होंने एमसीएमसी, ईटीपीबीएस, चुनाव कार्य में लगने वाले वाहन, पुलिस के लिये अतिरिक्त वाहनों के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार तय होने के बाद उनके कार्यालय खोलने की अनुमति मांगी जायेगी। इसके लिये समस्त रिटर्निंग ऑफीसर अनुमति देेते समय यह देंखे कि कार्यालय खुलने की 200 मीटर की परिधि में मतदान केन्द्र तो नहीं। बैठक में उन्होंने सुविधा पोर्टल पर भी निर्देश दिये। अपर कलेक्टर श्री उमेश शुक्ला ने कहा कि महापोर, सभापति, नगरीय निकायों के अध्यक्ष आदि पर शासकीय वाहन तो नहीं। इसका प्रमाणपत्र समस्त जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के अधिकारी उपलब्ध कराये।

    पिछले लोकसभा चुनावों में वोटिंग प्रतिशत कम होने वाले मतदान केन्द्रों पर सीएमओ, सीईओ 50-50 केन्द्रों पर स्वीप की गतिविधियां चलायें
    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने निर्देश दिये कि जिले में स्वीप की गतिविधियां चलायें। उन्होंने कहा कि विधानसभा निर्वाचन 2018 में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत अन्य राज्यों में हुये मतदान की तुलना में बहुत अच्छा रहा था, जिसकी प्रशंसा आयोग द्वारा की गई थी। जबकि लोकसभा निर्वाचन 2019 में वोटिंग 9 प्रतिशत कम रही। कलेक्टर ने स्वीप के अन्तर्गत आयुक्त नगर निगम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों के सीएमओ ऐसे मतदान केन्द्रों को चिन्हित करेंगे, जहां पुरूष एवं महिला वोटर टर्नआउट कम हो रहा है। सीएमओ शहरी क्षेत्र में 50 प्रतिशत मतदान केन्द्र, नगर निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत मतदान केन्द्रों एवं ग्रामीण क्षेत्र में 50 प्रतिशत मतदान केन्द्रों का चिन्हांकन कर सूची उपलब्ध करावें। इन मतदान केन्द्रों के चिन्हांकन उपरान्त घर-घर जाकर स्वीप के तहत विशेष गतिविधियां चलायें। वोटर टर्नआउट अच्छा कवर होने पर जिला स्तर पर उस अधिकारी को पुरूस्कार दिया जायेगा।  
जिले में 1726 मतदान केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मी होंगे तैनात
    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि 3 नवम्बर को होने वाले मतदान केन्द्रों पर 1726 स्वास्थ्य कर्मी तैनात किये जायें। उन्हें ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाये। कोविड को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक मतदाता की मतदान केन्द्र के बाहर थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाये। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद तापमान 99 से ऊपर आता है तो उस मतदाता को समझाईश दें, तापमान कम होने पर उसे मतदान के लिये प्रेरित करें। ट्रेनिंग के दौरान समस्त रिटर्निंग ऑफीसर भी मौजूद रहे। उनके चुनावी कार्यो की भी समीक्षा की गई। 

 

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